हुआ। वह योद्घाओं की ओर हाथ फैलाये मानो कह रहा है, हेलास के सपूतो, क्या तुम यहां से परस्थान करने को तैयार हो ? तुम उस देश को जाते हो जहां जाना मुझे फिर नसीब न होगा और मेरी समाधि को बिना कुछ भेंट किये ही छोड़े जाते हो।
यूनान के वीर सामन्त, जिनमें वृद्ध नेस्टर, अगामेमनन, उलाइसेस आदि थे, समाधि के समीप आकर इस घटना को देखने लगे। पिर्रस ने जो एशिलीस का युवक पुत्र था, भूमि पर मस्तक झुका दिया। उलीस ने ऐसा संकेत किया जिससे विदित होता था वह मृतआत्मा की इच्छा से सहमत है। उसने अगामेमनन से अनुरोध किया-हम सबों को एशिलीस का यश मानना चाहिए, क्योंकि हेलास ही की मानरक्षा में उसने वीरगति पायी है। उसका आदेश है कि परायम की पुत्री, कुमारी पॉलिक्सेना मेरी समाधि पर समर्पित की जाए। यूनानवीरों, अपने नायक का आदेश स्वीकार करो !
किन्तु समराट अगामेमनन
होगा कि लड़कों के एक गोल ने उसको मुंह चिना और उस पर पत्थर फेंकना शुरू किया और तालियां बजाकर कहने लगे-'जरा अपनी विशालमूर्ति देखिए ! आप लंगूर से भी काले हैं, और आपकी दा़ी बकरे की ाढ़ी से लम्बी है। बिल्कुल भुतना मालूम होता है। इसे किसी बाग में मारकर लटका दो, कि चिड़ियां हौवा समझकर उड़ें। लेकिन नहीं, बाग में गया तो सेंत में सब फूल नष्ट हो जाएेंगे। उसकी सूरत ही मनहूस है। इसका मांस कौओं को खिला दो।' यह कहकर उन्होंने पत्थर की एक बा़ छोड़ दी।
लेकिन