पराणियों को मूर्ख, अन्यायी, निर्दय बना दिया और संसार में कुकर्म का सिक्का चला दिया। तब से लाखों वर्ष व्यतीत हो जाने पर भी मनुष्य ने धर्मपथ नहीं पाया यूनान के कतिपय विद्वानों तथा महात्माओं ने अपने बुद्धिबल से उस मार्ग को खोज निकालने का परयत्न किया। पीथागोरस, प्लेटो आदि तत्त्वज्ञानियों के हम सदैव ऋणी रहेंगे, लेकिन वह अपने परयत्न में सफलीभूत नहीं हुए, यहां तक कि थोड़े दिन हुए नासरा के ईसू ने उस पथ को मनुष्यमात्र के लिए खोज निकाला।'

डोरियन-'अगर मैं आपका आश्रय ठीक समझ रहा हूं तो आपने यह कहा है कि जिस मार्ग को खोज निकालने में यूनान के तत्त्वज्ञानियों को सफलता नहीं हुई, उसे ईसू ने किन साधनों द्वारा पा लिया ? किन साधनों के द्वारा वह मुक्तिज्ञान पराप्त कर लिया जो प्लेटो आदि आत्मदर्शी महापुरुषों को न पराप्त हो सका।'

जेनाथेमीज-'महाशय डोरियन, क्या यह बारबार बतलाना पड़ेगा


191 of 410

परेमागरह, रोनाधोना, एक भी उसे न पिघला सका। उसके सामने वह ताक न सकती, केवल यही कहती-'नहीं, नहीं।'

लेकिन एक पक्ष के बाद उसकी जिद्द जाती रही। उसे ज्ञात हुआ कि मैं लोलस के परेमपाश में फंस गयी हूं। वह उसके घर गयी और उसके साथ रहने लगी। अब उनके आनन्द की सीमा न थी। दिन भर एकदूसरे से आंखें मिलाये बैठे परेमलाप किया करते। संध्या को नदी के नीरव निर्जन तट पर हाथमें-हाथ डाले टहलते। कभीकभी अरुणोदय के समय उठकर पहाड़ियों पर


191 of 681