उसकी अवहेलना करके सुखी नहीं रह सकते। तुम्हें ज्ञात नहीं है कि गणितशास्त्र के उद्भट ज्ञाता मिलानथस का कथन था मैं वीनस की सहायता के बिना त्रिभुजों की व्याख्या भी नहीं कर सकता।'

डोरियन, जो कई पल तक इस नये आगन्तुक की ओर ध्यान से देखता रहा था, सहसा तालियां बजाकर बोला-'यह वही हैं, मित्रो, यह वही महात्मा हैं। इनका चेहरा इनकी दा़ी, इनके वस्त्र वही हैं। इसमें लेशमात्र भी संदेह नहीं। मेरी इनसे नाट्यशाला में भेंट हुई थी जब हमारी थायस अभिनय कर रही थी। मैं शर्त बदकर कह सकता हूं कि इन्हें उस समय बड़ा क्रोध आ गया था, और उस आवेश में इनके मुंह में उद्दण्ड शब्दों का परवाहसा आ गया था। यह धमार्त्मा पुरुष हैं, पर हम सबों को आड़े हाथों लेंगे। इनकी वाणी में बड़ा तेज और विलक्षण परतिभा है। यदि मार्कस* ईसाईयों का प्लेटो** है तो पापनाशी निसन्देह डेमॉस्थिनीज*** है।'

किन्तु


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बालकों की भांति थायस भी आमोदपिरय थी। दिनभर वह गलियों में बालकों के साथ नाचतीगाती रहती थी। रात को घर आती तब भी वह गीत गाया करती, जिनका सिरपैर कुछ न होता।

अब उसे अहमद जैसे शान्त, सीधेसीधे आदमी की अपेक्षा लड़केलड़कियों की संगति अधिक रुचिकर मालूम होती ! अहमद भी उसके साथ कम दिखाई देता। ईसाइयों पर अब बादशाह की क्रुर दृष्टि न थी, इसलिए वह अबाधरूप से धर्म संभाएं करने लगे थे। धर्मनिष्ठ अहमद इन सभाओं में सम्मिलित होने से कभी न चूकता।


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